
2023
Poetry Books
Dr. Ganga Sahai 'Premi' & Ajay Goyal
9788119200160
1
Sanskrit
101-200 Pages
Paperback
Raghuvansh Mahakavyam (Pratham Sarg) by Mahakavi Kalidas
10
Religion & Spirituality
Sahitya Sarowar
Adults
India
Name : Raghuvansh Mahakavyam (Pratham Sarg) by Mahakavi Kalidas
Author : Dr. Ganga Sahai 'Premi' & Ajay Goyal
Book Format : Paperback
Edition : 1
Genre : Religion & Spirituality
ISBN : 9788119200160
Language : Sanskrit
Pages : 101-200 Pages
Publish Year : 2023
Publisher : Sahitya Sarowar
Reading age : Adults
Sub Genre : Poetry Books
रघुवंशम् कालिदास द्वारा रचित संस्कृत महाकाव्य है। इस महाकाव्य में उन्नीस सर्गों में रघु के कुल में उत्पन्न २९ राजाओं का इक्कीस प्रकार के छन्दों का प्रयोग करते हुए वर्णन किया गया है। इसमें दिलीप, रघु, दशरथ, राम, कुश और अतिथि का विशेष वर्णन किया गया है। वे सभी समाज में आदर्श स्थापित करने में सफल हुए। राम का इसमें विशद वर्णन किया गया है। उन्नीस में से छः सर्ग उनसे ही संबन्धित हैं।
आदिकवि वाल्मीकि ने राम को नायक बनाकर अपनी रामायण रची, जिसका अनुसरण विश्व के कई कवियों और लेखकों ने अपनी-अपनी भाषा में किया और राम की कथा को अपने-अपने ढंग से प्रस्तुत किया। कालिदास ने यद्यपि राम की कथा रची परन्तु इस कथा में उन्होंने किसी एक पात्र को नायक के रूप में नहीं उभारा। उन्होंने अपनी कृति 'रघुवंश' में पूरे वंश की कथा रची, जो दिलीप से आरम्भ होती है और अग्निवर्ण पर समाप्त होती है। अग्निवर्ण के मरणोपरान्त उसकी गर्भवती पत्नी के राज्यभिषेक के उपरान्त इस महाकाव्य की इतिश्री होती है।
Country of Origin : India
More Information