
2025
Historical Fiction Books
Rahul Sankrityayan
9789362505156
1
Hindi
201-300 Pages
Paperback
BHAGO NAHIN DUNIYA KO BADLO By Rahul Sankrityayan
10
Literature & Fiction
Sahitya Sarowar
Adults
Sahitya Sarowar
India
Name : BHAGO NAHIN DUNIYA KO BADLO By Rahul Sankrityayan
Author : Rahul Sankrityayan
Book Format : Paperback
Edition : 1
Genre : Literature & Fiction
ISBN : 9789362505156
Language : Hindi
Pages : 201-300 Pages
Publish Year : 2025
Publisher : Sahitya Sarowar
Reading age : Adults
Sub Genre : Historical Fiction Books
हिन्दी साहित्य में महापंडित राहुल सांकृत्यायन का नाम इतिहास-प्रसिद्ध और अमर विभूतियों में गिना जाता है। राहुल जी की जन्मतिथि 9 अप्रैल, 1863 ई० और मृत्युतिथि 14 अप्रैल, 1963 ई० है। राहुल जी का बचपन का नाम केदारनाथ पाण्डे था बौद्ध दर्शन से इतना प्रभावित हुए कि स्वय बौद्ध हो गये। 'राहुल' नाम तो बाद में पड़ा-बौद्ध हो जाने के बाद। 'सांकत्य' गोत्रीय होने के कारण उन्हे राहुल सांकृत्यायन कहा जाने लगा। राहुल जी का समूचा जीवन घुमक्कडी का था। भिन्न-मित्र भाषा साहित्य एव प्राचीन संस्कृत-पाली-प्राकृत-अपभ्रश आदि भाषाओं का अनवरत अध्ययन-मनन करने का अपूर्व वैशिष्ट्य उनमें था। प्राचीन और नवीन साहित्य-दृष्टि की जितनी पकड और गहरी पैठ राहुल जी की थी-ऐसा योग कम ही देखने को मिलता है । घुमक्कड़ जीवन के मूल में अध्ययन की प्रवृति ही सर्वोपरि रही। राहुल जी के साहित्यिक जीवन की शुरुआत सन् 1927 ई० में होती है। वास्तविकता यह है कि जिस प्रकार उनके पाँव नहीं रुके, उसी प्रकार उनकी लेखनी भी निरन्तर चलती रही। विभिन्न विषयों पर उन्होंने 150 से अधिक कन्धों का प्रणयन किया है। अब तक उनके 130 से भी अधिक ग्रथ प्रकाशित हो चुके है। लेखो, निबन्धों एवं भाषणों की गणना एक मुश्किल काम है। राहुल जी के साहित्य के विविध पक्षों को देखने से ज्ञात होता है कि उनकी पैठ न केवल प्राचीन-नवीन भारतीय साहित्य में थी, अपितु तिब्बती, सिंहली, अँग्रेजी, चीनी, रूसी, जापानी आदि भाषाओं की जानकारी करते हुए तत्तत् साहित्य को भी उन्होंने मथ डाला। राहुल जी जब जिसके सम्पर्क में गये, उसकी पूरी जानकारी हासिल की । जब वे साम्यवाद के क्षेत्र में गये, तो कार
Country of Origin : India
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