
2025
Paperback
101-200 Pages
Main Nastik Kyon Hoon Tatha Anya Lekh
Other Self-Help Books
Book
1
Authorized Distributor
Religion & Spirituality
Ajay Pocket Books
Hindi
India
Name : Main Nastik Kyon Hoon Tatha Anya Lekh
Book Format : Paperback
Genre : Religion & Spirituality
Language : Hindi
Pages : 101-200 Pages
Publish Year : 2025
Publisher : Ajay Pocket Books
Sub Genre : Other Self-Help Books
मैं नास्तिक क्यों हूँ (Why I am an Atheist) भगत सिंह द्वारा लिखा एक लेख है जो उन्होंने लाहौर सेंट्रल जेल में क़ैद के दौरान लिखा था और इसका प्रथम प्रकाशन लाहौर से ही छपने वाले अख़बार दि पीपल में 27 सितम्बर 1931 को हुआ। यह लेख भगत सिंह के द्वारा लिखित साहित्य के सर्वाधिक चर्चित और प्रभावशाली हिस्सों में गिना जाता है और बाद में इसका कई बार प्रकाशन हुआ। इस लेख के माध्यम से भगत सिंह ने तार्किक रूप से यह बताने की कोशिश की है कि वे किसी ईश्वरीय सत्ता में क्यों यकीन नहीं करते हैं.
1-घर को अलविदा पिता जी के नाम पत्र
2-अछूत समस्या
3-युवक
4- नौजवान भारत सभा लाहौर का घोसना पत्र
5- धर्म और हमारा सविधान
6- सम्प्रद्यिक दंगे और उनका इलाज
7- नए नेता और उनके अलग अलग विचार
8 -विद्यार्थी और राजनीती
9 - हिदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक और घोषणा पत्र
10 - भगत सिंह का पत्र सुखदेव के नाम
11 - असेम्बली हॉल में फैका गया परचा
12 - बम कांड पर सेशन कोर्ट पर ब्यान
13 -विद्यार्थियों के नाम के पत्र
14 - संपादक माडर्न के नाम पत्र
15- बम का दर्शन
16- इंकलाब की तलवार विचारों की सां पर तेज होती
17- लेनिनमृत्यु वार्षिक पर तार
क्रांतिकारी भगत सिंह की कालजयी कृति
मैं नास्तिक क्यों हूँ (तथा अन्य लेख)
यह किताब सिर्फ़ एक लेख संग्रह नहीं है, बल्कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के प्रखर विचारों, तर्कशक्ति और गहन दर्शन का प्रमाण है। जब आप इस पुस्तक को पढ़ते हैं, तो आप महज़ एक क्रांतिकारी की जीवनी नहीं, बल्कि उनके मन में उठते तूफ़ानों, समाज और धर्म पर उनके पैने विचारों, और स्वतंत्रता के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को म
Country of Origin : India
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