
2024
Play Books
Dr. Murari Lal Agarwal
9789388715270
1
Sanskrit
601-700 Pages
Paperback
Mrichhakatikam by Shri Shudraka (With Hindi Anuvad, Sanskrit Vyakhya & Word Meaning)
10
Literature & Fiction
SAHITYA SAROWAR
Adults
Sahitya Sarowar
India
Name : Mrichhakatikam by Shri Shudraka (With Hindi Anuvad, Sanskrit Vyakhya & Word Meaning)
Author : Dr. Murari Lal Agarwal
Book Format : Paperback
Edition : 1
Genre : Literature & Fiction
ISBN : 9789388715270
Language : Sanskrit
Pages : 601-700 Pages
Publish Year : 2024
Publisher : SAHITYA SAROWAR
Reading age : Adults
Sub Genre : Play Books
मृच्छकटिकम् (अर्थात्, मिट्टी का खिलोना या मिट्टी की गाड़ी) संस्कृत नाट्य साहित्य में सबसे अधिक लोकप्रिय रूपक है। इसमें 10 अंक है। इसके रचनाकार महाराज शूद्रक हैं। नाटक की पृष्टभूमि पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) है। भरत के अनुसार दस रूपों में से यह 'मिश्र प्रकरण' का सर्वोत्तम निदर्शन है। 'मृच्छकटिकम्' नाटक इसका प्रमाण है कि अंतिम आदमी को साहित्य में जगह देने की परम्परा भारत को विरासत में मिली है जहाँ चोर, गणिका, गरीब ब्राह्मण, दासी, नाई जैसे लोग दुष्ट राजा की सत्ता पलट कर गणराज्य स्थापित कर अंतिम आदमी से नायकत्व को प्राप्त होते हैं।
Country of Origin : India
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