
2025
Hardcover
101-200 Pages
Nau Durghatna
Humor Fiction Books
Ravindranath Tagore
9789348156150
1
Literature & Fiction
Pangram Publishers
Hindi
India
Name : Nau Durghatna
Author : Ravindranath Tagore
Book Format : Hardcover
Genre : Literature & Fiction
ISBN : 9789348156150
Language : Hindi
Pages : 101-200 Pages
Publish Year : 2025
Publisher : Pangram Publishers
Sub Genre : Humor Fiction Books
नाव दुरघटना (Nav Daurghatna) रवींद्रनाथ टैगोर की एक प्रसिद्ध कविता है, जो जीवन की अस्थिरता और कठिनाइयों को बखूबी व्यक्त करती है। इस कविता में टैगोर ने नाव के डूबने की घटना को जीवन के अप्रत्याशित संकट के रूप में प्रस्तुत किया है। कविता का केंद्रीय विचार यह है कि जैसे एक नाव के डूबने से जीवित रह पाना मुश्किल हो सकता है, वैसे ही जीवन में अचानक आने वाली समस्याएँ और चुनौतियाँ व्यक्ति को असमंजस और डर में डाल सकती हैं। यह कविता जीवन के अनिश्चितता और संकटों से जूझने के साहस पर आधारित है। टैगोर ने इसमें यह संदेश दिया है कि, सच्ची शक्ति और साहस का परिचय संकट के समय ही होता है। कविता में मनुष्य की आंतरिक शक्ति और सकारात्मकता को उजागर किया गया है, जो कठिन परिस्थितियों में भी उसे जीवन में आगे बढ़ने का आशा और विश्वास प्रदान करती है।
Country of Origin : India
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