
Tarachand Vidyarthi
Paperback
Nehru ki 97 Etihasik Galtiyan
1st Edition
201-300 Pages
Politics
Hindi
Paperback
2025
Political Parties Books
Pustak Mahal
1st Edition
Tarachand Vidyarthi
1
Nehru ki 97 Etihasik Galtiyan
India
Name : (used) Nehru ki 97 Etihasik Galtiyan
Author : Tarachand Vidyarthi
Book Format : Paperback
Edition : 1st Edition
Genre : Politics
Language : Hindi
Pages : 201-300 Pages
Publish Year : 2025
Publisher : Pustak Mahal
Sub Genre : Political Parties Books
पंडित जवाहरलाल नेहरू (1889-1964) भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और उन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी। वे लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और वैज्ञानिक सोच के समर्थक थे। उनके कार्यकाल में आईआईटी, इसरो, भाखड़ा नांगल डैम, स्टील प्लांट्स जैसी प्रमुख परियोजनाएं शुरू हुईं। उन्होंने गुटनिरपेक्ष आंदोलन का नेतृत्व किया और भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया। लेकिन उनके कुछ फैसले भारत के लिए नुकसानदायक भी साबित हुए।
सबसे बड़ी गलती कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में ले जाना था। जब भारतीय सेना पाकिस्तान के आक्रमणकारियों को पीछे धकेल रही थी, तब नेहरू ने युद्धविराम की घोषणा कर दी, जिससे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) बना और यह मुद्दा स्थायी विवाद बन गया। इसके अलावा, उन्होंने अनुच्छेद 370 लागू किया, जिसने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया और इसे लंबे समय तक भारत के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बना दिया।
उनकी चीन नीति भी असफल रही। उन्होंने "हिंदी-चीनी भाई-भाई" के नारे पर विश्वास किया और चीन को संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता दिलाने का समर्थन किया। लेकिन 1962 में चीन ने भारत पर हमला कर दिया और भारत को करारी हार झेलनी पड़ी। उन्होंने तिब्बत को चीन का हिस्सा मानने की गलती भी की, जिससे भारत की भू-राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई।
उनकी आर्थिक नीतियां भी गलत साबित हुईं। उन्होंने समाजवाद को अपनाया और लाइसेंस राज लागू किया, जिससे निजी उद्योगों का विकास धीमा हुआ और भारत की अर्थव्यवस्था दशकों तक पिछड़ी रही। अगर वे उदारीकरण को जल्दी अपनाते, तो भारत की आर्थिक प्रगति तेज हो सकती थी।
नेहरू ने कांग्रेस में वंशवाद की नी
Country of Origin : India
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